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परात में दूध 😊

परात में दूध 😊 होने को क्या नहीं हो सकता.. सुबह से बालकनी में अपने पौधों के साथ लगी हूँ। कब दूध वाला आया पता न चला। दक्षु अपना ऑनलाइन एग्जाम दे रहा । ड्राइंग रूम में देखा तो टेबल पर परात में दूध रखा हुआ था। मुझे दक्षु की इस हरकत पर हँसी आ गई। मैंने पूछा और कोई बर्तन न मिला किचन में? A container is a container... दक्षु का जवाब मिला😊 मैंने कहा दूध वाला भैया भी क्या सोच रहा होगा? क्या सोचेगा? A child is a child... यही सोचेगा 😊😊 दक्षु ने सिर उठाकर कहा और फिर हैडफ़ोन लगा लिया। उसके इतने मासूम और सशक्त जवाब सुनकर मज़ा ही आ गया। मैं चुपचाप रसोई में परात उठा कर चली गई। भगोने में दूध उलटते हुए एक ख़्याल और आया Life is so simple to learn from. It can be ur son too.
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें