कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2574

भाषा / Language

आज ढ़ेर सारे सेमल लाई हूँ तुम्हारे लिए

आज ढ़ेर सारे सेमल लाई हूँ तुम्हारे लिए... ये कोशिशें ... ये होंगी कम नहीं न चाहिए तुमसे ज्यादा... तुमसे कम नहीं😊😊😊 शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें