कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2496

भाषा / Language

ख्वाबों का घर खिड़कियों से ही बना देती हूँ

ख्वाबों का घर खिड़कियों से ही बना देती हूँ.... दीवारों दर तो ज़िन्दगी को चाहिए होते हैं। शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें