अपने ही मन में तुझे लिए क़ैद हूँ .... ओ साथी रे शुभरात💐
रचना 249128 जनवरी 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishअपने ही मन में तुझे लिए क़ैद हूँ✦अपने ही मन में तुझे लिए क़ैद हूँ .... ओ साथी रे शुभरात💐कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें