कल्पनाशब्दों के बीच
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जानते हो जिया हुआ प्रेम आहिस्ता आहिस्ता "कविता" हो जाता है…

जानते हो जिया हुआ प्रेम आहिस्ता आहिस्ता "कविता" हो जाता है ...लड़की ने कहा और जो जिया जाने वाला प्रेम है वो भी तो कुछ होगा ?वो क्या है? लड़के ने यूँ ही पूछा अभी सिर्फ़ "कल्पना "है ... "तुम्हारी कल्पना "होना बाक़ी है..लड़की ने मुस्कान बिखेरते हुए कहा।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें