मैंने उससे शब्दों के अलावा शायद ही कभी कुछ माँगा हो.... उसने भी जी भर थमाई..... चुप्पियाँ शुभरात💐
रचना 245010 जनवरी 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishमैंने उससे शब्दों के अलावा शायद ही कभी कुछ माँगा हो✦मैंने उससे शब्दों के अलावा शायद ही कभी कुछ माँगा हो.... उसने भी जी भर थमाई..... चुप्पियाँ शुभरात💐कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें