कल्पनाशब्दों के बीच
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लाई लगे न लगे....माँ और दक्षु लगे हुए थे।😊😊

लाई लगे न लगे....माँ और दक्षु लगे हुए थे।😊😊 पतिदेव बीच बीच में guidance का छोंका लगाते रहे। मैंने मज़ाक में कहा...मेरे daddy ji को भेज दो...खुश हो जायेंगे । बेटी मुझ पर गयी है। और सच में विनोद ने ये फ़ोटो बाकायदा मेरे भाई और पापा को भेजी कि देखो कल्पना पूरी अलमोडिया हो गयी। वापसी में आपके खेतों में भी काम कर लेगी😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें