कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2348

भाषा / Language

आज बादल थे तो....हिमालय रत्ती भर दिखा

आज बादल थे तो....हिमालय रत्ती भर दिखा..... ठीक जैसे तुम दिखते हो ...मेरे हिस्से में ।😊 शुभ रात
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें