भाषा / Language
लौटना
✦
लौटना.....
पहाड़ का दिन जितना रंगीला होता है साँझ और रात उतनी ही मौन और उदास
डूबता सूरज
ढ़लती साँझ
उभरती रात
जुगनू वाले पहाड़
यहां आँखें कम पड़ती हैं और मन ज्यादा से ज्यादा भर जाता है। आज का दिन बेहद पहाड़ी रहा।
मेरी आँखों से देखिए ....💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें