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इन पहाड़ों के धैर्य को देखती हूँ तो तुम्हारी याद से भर जाती हूँ

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इन पहाड़ों के धैर्य को देखती हूँ तो तुम्हारी याद से भर जाती हूँ.... इनकी भी कोई उद्दण्ड प्रेमिका जरूर होगी। शुभरात💐💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें