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पहले एक रावण जलता था ... अब personalized रावण घर घर रावण का…

पहले एक रावण जलता था ... अब personalized रावण घर घर रावण का दौर देख रहे। यकीन मानिए खुश हूँ कि लोग accept तो कर रहे कि बुरा हूँ मैं। बुराई बची है अभी। बस ज़िंदा हूँ मैं से अच्छा है यह
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें