कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2283

भाषा / Language

डूबने के लिए समुंदर लाँघ कर मैंने आज एक बूंद को चुना ....…

डूबने के लिए समुंदर लाँघ कर मैंने आज एक बूंद को चुना .... जो मुझे सीप में छिपाकर मोती बनाए रखेगी । हमेशा...... 😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें