तुम्हारे नाम के वो मंज़र याद रहते हैं जो लफ्ज़ इश्क में खर्चे आबाद रहते हैं शुभरात💐💐💐
रचना 225615 अक्टूबर 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishतुम्हारे नाम के वो मंज़र याद रहते हैं✦तुम्हारे नाम के वो मंज़र याद रहते हैं जो लफ्ज़ इश्क में खर्चे आबाद रहते हैं शुभरात💐💐💐कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें