कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2254

भाषा / Language

कविता कोख में लिखी जाती है और कहानियाँ सड़क पर।

कविता कोख में लिखी जाती है और कहानियाँ सड़क पर। ये बेटियाँ विराम सी हैं... अल्प या पूर्ण कोई मायने नहीं रखता। *इस शानदार स्केच के लिए सुरेश सारस्वत sir को नमन। ये पंक्तियाँ इस तस्वीर को समर्पित। तस्वीर देख आया मन में आया पहला ख़्याल
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें