कल्पनाशब्दों के बीच
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इसे चेतावनी टाइप्स ही लिया जाय।

इसे चेतावनी टाइप्स ही लिया जाय। ज्यादातर आज कल यही लुक रहता है घर में ... मैं यही हूँ। कभी कभी चमक जाते हैं। इनबॉक्स में गॉर्जियस,लवली,अतिसुन्दर ,लिख कर क्यों ब्लॉक होते हो। इसकी माफ़ी रखी ही नहीं मैंने। पहली बार .... एक दम बाहर😊😊 मैं कूड़ा रखती ही नहीं। हमको पता है हम का हैं 😊😊😊 घी के ऊपर मक्खन नहीं चढ़ता रे। please do not try.💐💐💐 स्वस्थ रहो ... मस्त रहो बाकी इधर सब टका टक है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें