भाषा / Language
मुझे आहत करने का अधिकार सिर्फ़ दो लोगों के पास है
✦
*मुझे आहत करने का अधिकार सिर्फ़ दो लोगों के पास है ....
और दोनों ने ही आज मुझे निराश नहीं किया।
*जिस रोज़ भी वो नहीं बोलता ...
सब वैसा ही रहता है...
बस अंधेरा जल्दी हो जाता है
*वो मेरी पुकार लौटाता नहीं...
सुनो चिड़िया क्या कल तुम उसे मेरे लिए पुकार दोगी?
*सोचना उसे और सोचते ही चले जाना......
मेरी सबसे खूबसूरत अनलिखी कविता है
*बिछड़ते वक़्त मुझे तनहाइयाँ सौंपते हुए उसने कहा....
अपना ख़्याल रखना...
तैनूं पता नहीं शायद....
इश्क़ विच इंज नहीं चलदा
*इक ही रंजो गम काफ़ी है ...
मुस्कुराने के लिए
तुम
*तुम्हारा मुझमें
खिलने
महकने
लरजने
मुरझाने
गिर जाने का कोई तय समय नहीं है...
*थकान के भीतर आज एक थकान है ..
सोच रही कुछ दिन के लिए इस प्रेम को उतार कर फेंक दूँ।
शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें