कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2139

भाषा / Language

fb बंटे हुए लोगों की एक अज़ब दुनिया है।गोल है या चपटी ये कहन…

fb बंटे हुए लोगों की एक अज़ब दुनिया है।गोल है या चपटी ये कहना मुश्किल है । दोस्ती "झम्म" से होकर "पट्ट" से गिरती है। धनुक से भी छोटी उम्र की है ये दुनिया।बनते ही मिट जाने वाली ।मिटते ही मिटे रहने वाली। तू नहीं और सही ... और नहीं और सही... आए तो welcome न आए तो भीड़ कम If you can't convince them confuse them... stop chasing ....U will fall or else people will make u fall. मज़मा है ...लगता रहेगा । लगता रहे। सबको दुआएँ 😊😊😊 कम कम दोस्ती ही सुख है। *ख़्याल हैं आते जाते रहते हैं💐💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें