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रचना 2021

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जाने कैसी ज़िद्दी आँखें पाल रखी हैं हमने भी

जाने कैसी ज़िद्दी आँखें पाल रखी हैं हमने भी .... ना इंतज़ार मूँदने देती हैं ...... ना राह सूखने देती हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें