कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 2009

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मुझसे इश्क़ की हिमाकत ना कीजिये

मुझसे इश्क़ की हिमाकत ना कीजिये मैं कल्पना हूँ..... तुम्हें छिपा नहीं पाऊँगी ज़ाहिर भी कर दूंगी तुमको और दिखा भी नहीं पाऊँगी शुभरात
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें