भाषा / Language
वजूद की ...... हर ईंट
✦
वजूद की ...... हर ईंट
" मैं " से बनी हो .......
पर
"मैं" से न जुडी हो......
( मैं ....स्वयं )
( मैं ....अहम् )
*तस्वीर 2007 पेरिस की है। एफिल टावर को देख कर ये पंक्तियां याद आगयी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें