बस उड़ा ले जाने की बात थी ..... भूरे पत्ते उड़ गए हरे रह गए। दुःख लुकाना था ...लुका दिया।
रचना 197226 जून 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishबस उड़ा ले जाने की बात थी✦बस उड़ा ले जाने की बात थी ..... भूरे पत्ते उड़ गए हरे रह गए। दुःख लुकाना था ...लुका दिया।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें