शब्द थोड़े ही हैं .... ये तो कल्पना के पदचिन्ह हैं । तब कविता क्या हुई ? इन्हीं पदचिन्हों से बनी मेढ़
रचना 196824 जून 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishशब्द थोड़े ही हैं✦शब्द थोड़े ही हैं .... ये तो कल्पना के पदचिन्ह हैं । तब कविता क्या हुई ? इन्हीं पदचिन्हों से बनी मेढ़कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें