कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1963

भाषा / Language

वो न समझा है

वो न समझा है ... ना समझेगा कभी.... मगर तुम कहती रहना कल्पना
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें