कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1952

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जब तलक तुम मेरे शब्दों में रहोगे

जब तलक तुम मेरे शब्दों में रहोगे .... मैं बहाल रहूंगी ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें