कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1930

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अभी अभी निर्मला का फ़ोन आया .... दीदी आपकी याद आ रही। कब स्क…

अभी अभी निर्मला का फ़ोन आया .... दीदी आपकी याद आ रही। कब स्कूल खुलेंगे? निर्मला मेरे स्कूल में साफसफाई और मेरे कमरे की देख रेख करती है। सच कहूँ तो मेरा ख़्याल भी रखती है। जब बड़े दिनों बाद मिलती है तो गले लग कर कहती है आप को बहुत याद किया। सोच रहीं हूँ कि मैं इतनी प्यारी हूँ या उसका प्रेम मेरे प्रेम से ज्यादा बड़ा है? आज मुझे खुद से बड़े दिल वाली वो लग रही। उसे मेरा ख्याल आया और मैं उसे याद करने में चूक गयी। मुझे अभी बहुत सीखने की जरूरत है..... (तस्वीर दो साल पुरानी है मेरे जन्मदिन की उसके बनाये गुलदस्ते के साथ)
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें