मेरी रज़ा आँखों में रहती है और दरख्वास्त होंठों पर... बिना लिपि .... बिना ध्वनि वाली
रचना 192626 मई 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishमेरी रज़ा आँखों में रहती है और दरख्वास्त होंठों पर✦मेरी रज़ा आँखों में रहती है और दरख्वास्त होंठों पर... बिना लिपि .... बिना ध्वनि वालीकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें