कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1922

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लिखना करीब करीब बंद कर दिया है। जी नहीं रहा।

लिखना करीब करीब बंद कर दिया है। जी नहीं रहा। जिस किसी रोज़ मन करेगा मिलने आ जाउंगी। तब तक विदा। ख्याल रखें।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें