कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1920

भाषा / Language

आज फिर तुम्हारे लिए दिल उड़ा रही

आज फिर तुम्हारे लिए दिल उड़ा रही... तस्वीर अभी सुबह की है जब देखते देखते बादल मेरे लिए दिल में बदल गया। 😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें