कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1810

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तुमने बचाये रखा प्रेम सुनामियों में भी

तुमने बचाये रखा प्रेम सुनामियों में भी अब प्रेम तुम्हें सहेजे रखेगा हर बूँद में
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें