कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1761

भाषा / Language

मौन सा प्रश्न

मौन सा प्रश्न वाचाल हर तंज बनी है नारी अकेला चाँद तारों की अनबन सिसका घर एक सारथि रौशनी पे सवार हांके है तम नेमत खुदा सबको ही बक्श्ता प्यारी सी माँ
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें