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मेरी कविता "कशमकश" का मैथिली अनुवाद
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मेरी कविता "कशमकश" का मैथिली अनुवाद .....
ये बेहद खूबसूरत तोहफा है सखी Jayanti kumari
आपकी कलम में निखार कायम रहे। मुझ पर आपका प्यार बेशुमार कुबूल है।💐💐💐💐
दुरुखा केर
एम्हर छै
एकटा थम्हल - समुद्र
ओम्हर छै
एकटा बहैत - अकास,
असमंजस में छी...
रुकि क.... बहि जाई
कि
बहि क......थम्हि जाई!!
बहिते रहि जाई ,
वा
थम्हि क रहि जाई????
ओह्ह..
ई दुरुखाक असमंजस!!
आई माथा पर गोदवा अयलहुं..
अप्पन बखराक असमंजस!!
जहन कि हमहूं बुझै छी....
ने ई दुरूखा ..हम्मर;
ने अप्पन ई.. समुद्र;
अकासो त..आनक;
और हम ????
हम के??
ई कि नान्हि टा असमंजस!!!!!!
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें