कल्पनाशब्दों के बीच
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एक उम्र के बाद बूढ़ी खिड़कियाँ अपने आप बंद दरवाज़ा दिखने लगती…

एक उम्र के बाद बूढ़ी खिड़कियाँ अपने आप बंद दरवाज़ा दिखने लगती हैं । उदासी के लिए वैसे भी कोई रूपक काम नहीं करता । 😊😊 कल्पना💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें