बेक़ाबू... ये समन्दर ये हवा ये मैं मैं देखूँ जो तुझको तो प्यास बढ़े ... तू रोज़ तू रोज़ दो घूँट चढ़े। ये जो हल्का हल्का सुरुर है 😊😊😊