कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1706

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हर मनचाहा शख्स आपकी कहानी में किरदार ही निबाहे जरूरी तो नही…

हर मनचाहा शख्स आपकी कहानी में किरदार ही निबाहे जरूरी तो नहीं।कुछ बस यूँ ही फेरा लगाने आते हैं ....रुकने नहीं। हाँ...उनके नाम कुछ शब्द जरूर कहानी में शामिल हो जाते हैं। वो खाली पन्ने उन्हीं से भरते जाते हैं। किताब में कहानियां होती हैं ..तो किस्से भी तो होते हैं..छोटे छोटे कुछ मुकम्मल कुछ फ़िज़ूल। कल्पना💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें