कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1692

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करीब से देखोगी तो .....मुझमें शब्द मिलेंगे

करीब से देखोगी तो .....मुझमें शब्द मिलेंगे और बेहद करीब से प्रारब्ध कल्पना ने कल्पना से कहा ..... ☺☺☺☺☺
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें