कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1674

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मेरे तुम्हारे बीच आसमान इस लिए भी नीला है कि हमने हर बार अप…

मेरे तुम्हारे बीच आसमान इस लिए भी नीला है कि हमने हर बार अपने दरमियां कहानियाँ बोई और कवितायें उगायी ...नीली स्याही से। हम रंगे रहे नीले शब्दों से।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें