कल्पनाशब्दों के बीच
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ज़िन्दगी बलखाती है इसलिए भी खूबसूरत है।

ज़िन्दगी बलखाती है इसलिए भी खूबसूरत है। ज़िन्दगी बल खाती है इसलिए भी "मैं "खूबसूरत हूँ। कल्पना💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें