कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1599

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तुम्हारी खामोशियों में बरक़त रहे।

तुम्हारी खामोशियों में बरक़त रहे। बने रहो । कल्पना💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें