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आज एक बार फिर आकाशवाणी भवन जाकर अकेले कविता पाठ करने का अवस…

आज एक बार फिर आकाशवाणी भवन जाकर अकेले कविता पाठ करने का अवसर मिला । इससे पहले साथी कवि या कवियत्री होते थे। बेहद शानदार अनुभव। दस मिनट @कल्पना लाइव की कुछ पसंदीदा कविताएं पढ़ी और अपनी पुस्तक मेरे मित्र Sunder Pal Singh sir जी को भी दी।आपको शुक्रिया ...आपने हमेशा मुझे सराहा और राह दिखाई । साथी वक्ता निरुपमा जी जिन्होंने स्वास्थ संबधी अपने विचार रखे। उनसे मिलना बहुत सुखद रहा। साथ ही Ranvijay Rao जी से भी कुछ पल मुलाकात संभव हो पाई। ऐसे सहृदय मित्र सबको मिलें। सार्थक दिन की कुछ तसवीरें साँझा कर रही हूँ😊😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें