इन आँखों में तुम्हारे लिए अब कुछ नहीं बचा..... जाओ... सूख जाओ सफेद पलाश इस कागज़ पर
रचना 150931 मार्च 2019भाषा / Languageहिन्दीEnglishइन आँखों में तुम्हारे लिए अब कुछ नहीं बचा✦इन आँखों में तुम्हारे लिए अब कुछ नहीं बचा..... जाओ... सूख जाओ सफेद पलाश इस कागज़ परकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें