भाषा / Language
तुम्हारे मेरे बीच के शहर इंतज़ार से बने हैं जो कविता की ज़ुबा…
✦
तुम्हारे मेरे बीच के शहर इंतज़ार से बने हैं जो कविता की ज़ुबान बोलते और कहानियों के इशारे समझ जाते हैं।
आज तुम्हारी भेजी आवाज़ मिली ।
अब सुकून है .....
शहर कविता कहानियों में डूबता रहे ....
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें