कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1492

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तुम्हारी कहानियां पलट के जवाब नहीं देती।

तुम्हारी कहानियां पलट के जवाब नहीं देती। गम से लंबी गम की शामें जो लिख देते हो। जान लो... पुराना प्रेम कभी नहीं लौटता ना ही पुरानी कहानियां हां .......पुराना किरदार लौट सकता है । मुस्कुराता हुआ पुरानी कहानियों के आगे एक नया पन्ना पेपर पिन से जोड़ा हुआ भी दिलबर सा लग रहा। तुम जो लिख रहे उसे....
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें