भाषा / Language
आभास जितना सच्चा शब्द है आभासी दुनिया उतनी ही कम सच्ची
✦
आभास जितना सच्चा शब्द है आभासी दुनिया उतनी ही कम सच्ची....
इस बात को एक बार फिर मेरे कई मित्रों में से एक fb मित्र और अंजुम पत्रिका के संपादक दीपक अरोड़ा जी ने गलत साबित कर दिया।
अपनी पहली किताब @कल्पना लाइव को लेकर मन में तितलियाँ उड़ना तो बनता है पर जब कोई मित्र यह कह दे कि कल्पना @ कल्पना लाइव से रूबरू करवाइए ... तो बताओ कितना बड़ा हासिल है ये मेरा।श्री गंगानगर से आये दीपक अरोड़ा जी से छोटी सी मुलाकात बेहद यादगार रही।
बहुत सारी सीख मिली और मेरी किताब जिसे मैं उन्हें भेंट देना चाहती थी ,उन्होंने जिद्द करते हुए उसका मूल्य मुझे देकर कहा ... "कल्पना ये तुम्हारी पहली किताब है। ये मूल्य नहीं सराहना है।" आपकी दी हुई "बरकत " संभाल के रख ली दीपक जी। ये एक यादगार लम्हा था मेरी ज़िंदगी का।
ये छोटी छोटी खुशियाँ ही मेरी ज़िंदगी गुलज़ार रखती हैं।
आप जैसे दोस्तों की सोच हम जैसे नए कलमकारों के लिए आगे ले जाने की राह तय करती है।साथ बना रहे। @कल्पना लाइव मुस्कुरा रही। आभार दीपक अरोड़ा जी 💐💐💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें