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साल का आख़री दिन.... मन कहने दो ज़रा

साल का आख़री दिन.... मन कहने दो ज़रा पिछले साल 7 जनवरी 2018 के ही दिन पुस्तक मेले में किताबों के संसार के बीच अपने मन की एक छोटी सी ख्वाइश आपसे साँझा की थी ।ये एक बेहद खास तारीख़ रही होगी।मुश्किल से दस मिनट की मुलाक़ात में मैं ये जान गई थी कि आप से ये सार्थक मित्रता का बंधन बंध गया है। Shree Lalitya Lalit sir आपने हमेशा मुझे मार्ग दिखाया ,प्रोत्साहित किया और @कल्पना लाइव का मेरा उस दिन आपसे साँझा किया ख़्वाब सच हुआ। 7 जनवरी 2019 को मेरी किताब @कल्पना लाइव का लोकार्पण निश्चित हुआ है। ठीक एक साल में मेरा ख़्वाब मुकम्मल हुआ ये ईश्वर की कृपा है मुझपर कि आप जैसे मित्र मिले। साथ बना रहे। आज आपसे मिलकर अपनी किताब आपको देकर बहुत खुश हूं। आभार आपका दिल से.....😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें