कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1434

भाषा / Language

खुल कर बता देते तो .......समेट लेती ये ख़ामोशी

खुल कर बता देते तो .......समेट लेती ये ख़ामोशी इन आँखों से..... शब्दों का इंतज़ार ढोया नहीं जाता छलक जाती हैं चुप्पियां.......
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें