जितनी कविता तुम तक पहुँचती है बस वही सार्थक शब्द हैं बाक़ी सब तो बचा हुआ मेरा अथाह प्रेम
रचना 13729 अक्टूबर 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishजितनी कविता तुम तक पहुँचती है बस वही सार्थक शब्द हैं बाक़ी स…✦जितनी कविता तुम तक पहुँचती है बस वही सार्थक शब्द हैं बाक़ी सब तो बचा हुआ मेरा अथाह प्रेमकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें