दिन भर खर्च करती हूँ ...... रात तक फिर जमा हो जाता है । प्रेम भी मेरे शब्दों सा मायावी हो चला है।😊😊😊
रचना 12849 अगस्त 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishदिन भर खर्च करती हूँ✦दिन भर खर्च करती हूँ ...... रात तक फिर जमा हो जाता है । प्रेम भी मेरे शब्दों सा मायावी हो चला है।😊😊😊कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें