कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1275

भाषा / Language

आज के दिन का हासिल

आज के दिन का हासिल ? जगह ... शहर ..... वजह सब बेमायने बस ....लम्हे लम्स हुए बेशुमार शुक्रिया ज़िन्दगी 😊😊😊😊😊 तुम और तुम्हारी बातें
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें