"उदासी" को कागज़ के "नोटों "की तरह जेब में न रखो इन्हें "सिक्कों " की तरह उछाल दो कि इनकी खनक दूर तलक जाये और उसी गूँज में बैठ कर तेरे नाम की "ख़ुशी" धमक जाए