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जब चाँद हथेली न आये

जब चाँद हथेली न आये तारों से दिल लगाओ चाँद हाथ में भरते ही तारों का शुक्र मनाओ
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें